अपन ‘ओरिजनल काम’ देखा देलक मैलोरंग


इ’समाद नाटकक समीक्षा करबाक एहि बेर नव परंपरा शुरु क रहल अछि। दिल्‍ली क तालकटोरा मुक्‍ताकाश मंच पर दिल्‍ली मैथिली-भोजपुरी अकादमी क लोक उत्‍सव मे निर्देशक प्रकाश झा क निर्देशन मे मंचित नाटक ओरिजनल काम क कई गोटा समीक्षा केलथि अछि। इ’समाद ओहि मे स किछु किछु खास लोक क समीक्षा प्रस्‍तुत क रहल छी। एहि स कोनो एक व्‍यक्ति क नजरि स नहि बल्कि कई गोटेक नजरि स नाटक क समीक्षा अहां सब लग प्रस्‍तुत करबाक अवसर भेट रहल अछि।– समदिया

विकास झा, फिल्‍म निर्देशक
मैलोरंगक नव प्रस्तुति “ओरिजनल काम ” देख मोन बहुत हर्षित भेल …अनिल मिश्र आ ज्योति झाक अभिनय सर्वोपरि रहल …मुकेश जी कम्पनीक भूमिका में बहुत हद तक उतरल छलाह…शिव लाल अपन नेन्ह्पन आ लरक्पन के हिसाब सौ दृष्टिगोचर नहीं भ पाबी रहल छलाह मुदा किछ छोट कृत्य सब बहुत निक जका निभेला जेना की कोकाकोला के मुन्ना खोलबाक लेल हासू ल क एनाई…उचित लाल के भूमिका सेहो बहुत सशक्त छल…जिव लाल के तत्क्षण प्रतिक्रिया बाला भाव भंगिमा आकर्षक छल…भगता के भूमिका सेहो प्रशंसनीय रहल…नवोदित मैथिलि रंगकर्मी सोनिया झा रंगमंच पर मैथिलि बजैत निक लगली..हूनका में बहुत सम्भावना बूईझ परित ऐछ…मुदा जाही तरहक कथा बस्तु के परिवेश छल ताहि हिसाब सौ पात्र सभक भेष भूषा और निम्न स्तर के बनौल जा सकैत छल…संवाद प्रस्तुतीकरण के और ठोस आ कनी कम नाटकीय बनौल जा सकैत छल…ओना रंग मंच पर मैथिलि बजबाक लेल कनी बेसिए भाव में संवाद बैज देल जीत ऐछ सेहो नीके लगैत छै…आब बेसी बात की बनाऊ…जतबा लिखी एही बिषय पर ओटते कम बिझ पारित ऐछ…सत सत नमन श्री मलंगिया जी के आ प्रकाश बाबू के जे एही तरहक आयोजन सभक संज्ञान होइत ऐछ..आ भोजपुरी मैथिलि अकादमी दिल्ली सरकार के सेहो बहुत धन्यवाद जे देशक राजधानी में हमर सभक भाषा संस्कृति पर ध्यान बात रखैत छैथ…संपूर्ण टीम के हमरा तरफ सौ नमन आ सुभकामना…नाटकक रिव्यू निष्पक्ष आ स्वतंत्र ऐछ…एहिमे जौ कोनों त्रुटि भेल त क्षमा प्रार्थी छी…बहुत जल्द प्रकाश जी के संगे हमहू एकटा नाटक मलोरंग के हाथ में सुपुर्द करब जिनका प्रकाश जी जौ उचित बुझता त ओहो नाटक मंच पर दृष्टिगोचर होयत.संपूर्ण मलोरंग परिवार के नवरात्र के शुभकामना

आशीष झा, पत्रकार
एखनहि मैलोरंग क ताजा प्रस्‍तुति ”ओरिजनल काम” देख क आबि रहल छी। दिल्‍ली क तालकटोरा मुक्‍ताकाश मंच पर दिल्‍ली मैथिली-भोजपुरी अकादमी क लोक उत्‍सव मे निर्देशक प्रकाश झा अपन रिकार्ड एक बेर फेर अपने तोड देलथि। सच कहूं त आब प्रकाश जी क निर्देशन मे मंचित नाटक क समीक्षा करैत काल दोहराव क डर रहैत अछि, किया जे नाटक क नाम आ मंचन क स्‍थान जरूर बदलि जाइत अछि, मुदा नहि बदलैत अछि त कलाकार द्वारा शानदार प्रस्‍तुति, उत्‍तम निर्देश, अदभुत प्रकाश आ ध्‍वनी संयोजन आ मैथिली नाटक देखबाक इच्‍छा। फिल्‍म क मामला मे भोजपुरी स पिछडल मै‍थिली नाटक क क्षेत्र मे भोजपुरी कए काफी पाछु छोडि देलक अछि, शायद एकर कारण भोजपुरी क मुकाबला मे मैथिली क समृद्ध साहित्‍य रहल हो, मुदा एहि उपलब्धि मे प्रकाश झा आ मैलोरंग क योगदान कए उल्‍लेखित करए पडत। धन्‍यवाद मैलोरंग एहि ‘ओरिजनल काम’ क लेल।

आलोक झा, समीक्षक
जखन नाटक नीक भ जाए त ओकर आगू आ पाछु क भाषण बहुत खराब लगैत अछि । आओर एकटा गप हमरा बुझबा मे नहि अबैत अछि जे अकादेमी क जे कियो सचिव बनि जाइत छथि ओ एतबा बेसी आ वाहियात किया बजैत छथि। बहरहाल मैथिली लोक रंगमंच मैलोरंग क प्रस्तुति ‘आरिजिनल काम’ देखलहुं। बहुत सुंदर आ स्तरीय। क्षेत्रीय भाषा क रंगमंच मे किछु कए छोडि कए सबहक काज क तुलना मे हिन्दी क रंगमंच स कैल जाइत अछि। ओहि लिहाज स देखल जाए त इ एकटा जिम्मेदार आ परिपक्व प्रस्तुति रहल। एकरा लेल निर्देशक प्रकाश झा बधाई क पात्र छथि। हुनका बधाई एहि लेल सेहो किया त ओ बड सलीका स कलाकार कए पत्र मे समाहित करि देलथि। मुकेश , अनिल जी , प्रवीण झा , संतोष जी , अमरजी जे काज केलथि ओ एहि नाट्य संस्था क निरंतर मजबूत होइत जेबाक प्रमाण छी। मुकेश पहिनुक भांति अपन बेहतरीन फॉर्म मे छलाह, हुनका देखब अलग आनंद दैत अछि । एहि प्रस्तुति मे दूटा स्त्री पात्र क भूमिका छल, जाहि मे ज्योति जी क काज बहुत मजबूत छल।ओ अपन किरदार कए बड मजबूती आ आत्म विश्वश क संग जीलथि । हाँ दारोगा क भूमिका मे जे छलीह हुनका कनि आओर आत्मविश्वास क जरूरत छल जे शायद अगिला हिस्‍सा मे देखा गेल। एहि नाटक मे चुटीला संवाद बहुत छल, जे कलाकार क काज एक तरह स आसान क देलक। एकर बावजूद किछु अभिनेता बेसी प्रभावशाली बनेबाक कोशिश करैत देखेलाह । खूबलाल आ चरकान्त क किरदार निभेनिहार कलाकार यदि अपन संवाद अदायगी कए क्रमशः धीमा आ तेज क लैतथि त नाटक आओर आगू बढि सकैत छल । आगू निर्देशक कए अपन प्रकाश आ ध्वनि नियंत्रक स जरूर गप करबाक चाही किया त हुनका मे ताल मेल कम छल। प्रकाश त कई मौका पर असंतुलित रहल, ध्वनि त कहतु कतहु छले नहि। ध्वनि संयोजन आओर बेहतर कैल्‍ जा सकैत छल । वस्त्र विन्यास उपयुक्त छल । मंच सज्जा आ मंच सामाग्री नाटक क अनुरूप रहल। एक तरह स मैलोरंग क इ प्रस्तुति ओकर आगू बढबाक संकेत दैत अछि ।

मनीष झा, समीक्षक
मैथिली भोजपुरी अकादमी, दिल्लीक तत्त्वावधान मे मैथिली नाटकक अग्रणी संस्था मैलोरंग (मैथिली लोक रंग) द्वारा आयोजित नाटक “ओरिजनल काम” केर मंचन शनिदिन १३ अक्टूबर २०१२ कें सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल. मैथिलीक सुप्रसिद्ध नाट्यकार महेन्द्र मलंगिया लिखित आ प्रकाश झा निर्देशित ई नाटक मुख्यतः ग्रामीण परिवेश पर आधारित छल जकर भाखा ठेंठ मैथिलीक संग संग हिन्दी आ अंगरेजीक मिश्रण जेना कि एकटा सामान्य आ कम पढ़ल लिखल समाज मे प्रयुक्त होइत अछि आ एहि नाटकक माध्यमे ओरिजनल काम स’ अभिप्राय छै सबस’ बेसी महत्त्वपूर्ण काज अर्थात कोन समय पर कोन काज केर प्राथमिकता देल जाय. हास्य व्यंग्य स’ परिपूर्ण एहि नाटकक एक-एक संवाद, एक-एक दृश्य आ एक-एक क्षण सुरताल ग्राउंडक मुक्ताकाश दर्शक दीर्घा मे उपस्थित समस्त नाटक प्रेमी के बेर-बेर थपड़ी बजब’ लेल बाध्य करैत छल. मैलोरंग रंगमंडलक अनुभवी आ माँजल कलाकार लोकनिक मंचोपस्थिति मुख्य आकर्षण छल जाहि मे मैथिली फिल्म आ मंच के बहुचर्चित कलाकार मुकेश झा, अनिल मिश्रा, ज्योति झा, सोनिया झा, राजीव मिश्रा, संतोष कुमार, प्रवीण कश्यप, अमरजीत राय, रॉकस्टार झा, दीपक ठाकुर, राधाकान्त, अमित अकेला, नीरा झा आदि कलाकार सभ अपन प्रभावी अभिनय स’ दर्शक पर अमिट छाप छोड़’ में सफल रहलाह.

सबटा समीक्षा आ फोटो- एमआर क वाल स साभार।

maithili news, mithila news, bihar news, latest bihar news, latest mithila news, latest maithili news, maithili newspaper, darbhanga, patna

नीक वा अधलाह - ज़रूर कहू जे मोन होय

comments

1 टिप्पणी

  1. ओरिजनल काम पर कैल गेल ख़ास-ख़ास समीक्षा संग्रह में हमरो समीक्षा के यथोचित स्थान देल गेल……….धन्यवाद आ आभार इसमाद टीम कें.

    सादर,
    मनीष झा बौआभाइ

Comments are closed.