अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय मे होएत आर्यभट्ट आ चाणक्य गैलरी

पटना । राजधानी मे प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्तर क संग्रहालय मे आर्यभट्ट, चाणक्य आ नालंदा महाविहार स जुडल गैलरी सेहो बनत। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एकर निर्माण स संबंधित उच्चस्तरीय बैठक मे इ गप कहलाह। मुख्यमंत्री मुख्य सचिव अनूप मुखर्जी कए निर्देश देलथि जे ओ संग्रहालय निर्माण क लेल चयनित अधिकारीक एकटा स्टैंडिंग कमेटी गठित करथि। मुख्यमंत्री क अनुसार एहि कमेटी क संग कंसल्टेंट क बैसार हुए। इ एहि लेल सेहो जरूरी अछि जे कोनो एहन गप या सुझाव छूट नहि जाये, जे संग्रहालय क लेल महत्वपूर्ण अछि। संग्रहालय निर्माण लेल भेल एहि बैसार मे कला संस्कृति मंत्री सुखदा पांडेय आ कंसल्टेंट लार्ड कल्चर रिसोर्सेज क अध्यक्ष बैरी लार्ड आ हुनकर सहयोगी सेहो उपस्थित छलथि। बैसार मे कंसल्टेंट कंपनी क दिस स एकटा पावर प्वाइंट प्रिजेंटेशन सेहो देल गेल। मुख्यमंत्री कहला जे प्रस्तावित संग्रहालय मे बिहार स संबंधित इतिहास, ज्ञान-विज्ञान आ अध्यात्म क संग संग बिहार स संबंधित सब विषय कए जगह देल जाए। पावर प्वाइंट प्रस्तुति मे पाटलिपुत्र स पटना तक क इतिहास, बौद्ध, महावीर, अशोक आ चंद्रगुप्त काल क सांस्कृतिक, सामाजिक आ धार्मिक इतिहास क चर्चा कैल गेल। कंसल्टेंट इ सेहो देखेलथि जे संग्रहालय मे कलाकृति कए कोन प्रकार स राखबाक व्‍यवस्‍था होएत!

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3 टिप्पणी

  1. विदेह वा मिथिला सँ जुड़ल गैलरी सेहो बनबाक चाही ।

    “निमि वा नेमि विदेह” केँ अष्टांग आयुर्वेद मे सँ एक अंग “शालाक्य तंत्र” केर प्रणेता कहल गेल अछि , ठीक ओहिना जेना कि “जॉन डाल्टन” केँ “फादर ऑफ एटम” कहल जाइछ । शालाक्य तंत्र मे आधुनिक ENT (Ear, Nose, Throat), Opthalmology (Eye)आ Brain समाहित अछि ।

  2. विदेह वा मिथिला सँ जुड़ल गैलरी सेहो बनबाक चाही ।

    “निमि वा नेमि विदेह” केँ अष्टांग आयुर्वेद मे सँ एक अंग “शालाक्य तंत्र” केर प्रणेता कहल गेल अछि , ठीक ओहिना जेना कि “जॉन डाल्टन” केँ “फादर ऑफ एटम” कहल जाइछ । शालाक्य तंत्र मे आधुनिक ENT (Ear, Nose, Throat), Opthalmology (Eye)आ Brain समाहित अछि ।

    प्रशिद्ध आयुर्वेदिक ग्रण्थ “भावप्रकाश” मिथिले मे लीखल गेल अछि कारण एक ठाम सन्दर्भ आयल अछि “॰॰॰॰॰॰॰॰ पेड़ुकिया इति लोके प्रशिद्धः” । “पेड़ुकिया पिड़िकिया” नाम मिथिले मे प्रचलित अछि, बाकी बिहार व यू॰ पी॰ मे एकरा “गुजिया” कहल जाइत छै ।

    बाकी बहुत रास तथ्य तऽ अपने लोकनि केँ बुझले अछि ।

  3. संग्रहालयक उपरोक्त विवरण सँ बुझि पड़ैत अछि जे बिहार माने मात्र मगध !!!!!!!!!!!!!!!!!!!

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